कांग्रेसियों के फर्जी कॉलेज, उच्च शिक्षा मंत्री के बयान पर नई बहस

0
82

हरीश चन्द्र, ग्वालियर।

उच्च शैक्षणिक संस्थानों में फर्जीवाड़े के मामलों में मप्र के आयुष, तकनीकी व उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह कहकर नई बहस छेड़ दी है कि फर्जी कॉलेज कांग्रेसियों के हैं। शिक्षा मंत्री ने ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी में मीडिया के सवालों पर यह वक्तव्य दिया है। शिक्षा मंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है जब कांग्रेस अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। मंत्री ने यह आरोप लगाकर अपनी ही पूर्ववर्ती सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि प्रदेश में पिछले 20 साल से भाजपा की ही सरकार है। यदि अकेले ग्वालियर अंचल पर ही फोकस करें तो यहां बड़े स्तर पर उच्च शिक्षा में फर्जीवाड़ा हुआ है। शिक्षा माफियाओं ने बिहार को पीछे छोड़ दिया है। 20 साल पहले के आंकड़े देखें तो सरकारी कॉलेजों की संख्या आधा सैकड़ा से भी कम थी और प्राइवेट बीएड, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, लॉ, नर्सिंग व सामान्य पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेजों की संख्या एक सैकड़ा से भी कम थी। अब सरकारी कॉलेजों की संख्या 100 तक पहुंच रही है जबकि प्राइवेट कॉलेजों की संख्या 500 को पार कर गई है।

बीएड व नर्सिंग कॉलेजों का फर्जीवाड़ा देशभर में चर्चा बना हुआ है। सीबीआई की जांच में घोटाले के बड़े-बड़े सबूत सामने आ चुके हैं। नर्सिंग कांड तो देशभर में तब और ज्यादा सुर्खियां में आ गया था जब जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी ही 10 लाख रूपए घूस लेते पकड़े गए थे। ग्वालियर अंचल में 50 फीसदी के करीब कॉलेजों में फर्जीवाड़े के सबूत कार्यपरिषद की बैठकों और कॉलेजों के निरीक्षण में सामने आ चुके हैं। कई कॉलेज तो ऐसे हैं जिनकी जमीन कहीं और स्थापना कहीं और है। शिक्षकों की नियुक्ति में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ियां उजागर हो चुकी है। विश्वविद्यालयों के अधिकारी, कार्यपरिषद सदस्यों पर भी अंगुलियां उठती रही हैं। शिक्षा माफियों ने ग्वालियर अंचल को देशभर में बदनाम कर दिया है। ज्यादातर कॉलेज नेताओं या उनके समर्थकों के हैं। अब मंत्री श्री परमार ने कहा है कि फर्जी कॉलेज कांग्रेसियों के हैं तो सवाल उठता है कि अब तक जांच क्यों नहीं कि जबकि सत्ता में उनकी ही पार्टी है। मंत्री ने अब कहा है कि वे कॉलेजों की जांच कराएंगे। अंचल के लोगों को उम्मीद जागी है कि वे यदि अपने बयान पर अडिग रहे और ईमानदारी से जांच की तो शिक्षा माफिया और उनके पालनहार सफेदपोश वेनकाब हो जाएंगे। इससे प्रदेश, खासतौर पर ग्वालियर अंचल पर लगा शिक्षा माफिया का दाग कम हो जाएगा।

LEAVE A REPLY