मेडिकल की शिक्षा के लिए सबसे आवश्यक देहदान है, इसी संकल्प को आगे रखकर व भविष्य में सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकों का निर्माण हो इस उद्देश्य से वरिष्ठ वकील व जनसेविका श्रीमती अर्चना शर्मा द्वारा अपने भाई स्व. अजयकांत शर्मा, उम्र 60 वर्ष निवासी जयेंद्रगंज का मृत्यु उपरांत देहदान किया गया। यहां बताना उचित होगा कि यह एनाटॉमी विभाग में 50वा देहदान है।
गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर के एनाटॉमी विभाग में चिकित्सकीय शिक्षा के लिए देहदान की शुरुआत 20/06/2000 को हुई थी जब पद्मश्री श्रीमती डॉ.लीला फाटक की इच्छानुसार उनके परिजनों ने देहदान किया था।
इस वर्ष यह 12वा देहदान है।
देहदान के समय एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अखिलेश त्रिवेदी, सह प्राध्यापक डॉ.मनीष चतुर्वेदी एवं अन्य पीजी छात्र उपस्थित थे।
विभागाध्यक्ष डॉ.अखिलेश त्रिवेदी ने बताया कि देहदान करना समाज के लिए हितकारी है व इसकी प्रक्रिया अत्यंत सरल है। साथ ही उन्होंने अपील की है कि चिकित्सकीय शिक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को देहदान के लिए आगे आना चाहिए।












