विवादित बयान क्या सुर्खियां बटोरने के लिए दिये जाते हैं

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हरीश चन्द्रा
नेताओं, अभिनेताओं की ओर से विवादित बयान देने का एक और मामला सुर्खियां बटोर रहा है। इस पर चर्चा में हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व दिग्विजय सरकार में मंत्री रहे राजा पटेरिया। पन्ना की एक सभा में राजा पटेरिया का जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें वो कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि ‘मोदी चुनाव खत्म कर देगा, मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा, दलितों का आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का जीवन खतरे में है, यदि संविधान को बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तैयार रहो.’ कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने कहा हत्या इन द सेंस … हराने के लिए तैयार रहो। इसके खिलाफ पन्ना के पवई में FIR दर्ज की गई थी और मंगलवार की सुबह पटेरिया को पुलिस ने उनके दमोह जिले के हटा स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी हो गई और कुछ दिनों तक भाजपा सभाओं, चर्चाओं में सुर्खियां बनाए रखना चाहेगी। अब बात विवादित बयानों की करें तो इसकी एक लंबी सूची तैयार हो जाएगी। न केवल कांग्रेस, बल्कि भाजपा,सपा, बसपा, टीएमसी दलों के नेता भी समय-समय पर विवादित बोल बोलते रहे हैं। पिछले कुछ समय से तो अभिनेताओं में भी नेताओं की तर्ज पर विवादित बयान देने की होड़ मच गई है। नुपूर शर्मा, कंगना रनौत हों या कुछ अन्य अभिनेत्रियां, विवादित बोल बोलकर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। नुपूर शर्मा के मामले में तो सुप्रीम कोर्ट को सख्त होना पड़ा, लेकिन फिर मामला थम गया। राजस्थान में राजेंद्र गुढ़ा जब मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने चुनाव क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने पीडब्लूडी के चीफ इंजीनियर से कहा कि उनके इलाके की सड़कें हेमा मालिनी के गालों जैसी बना दो। इसके बाद उन्होंने खुद लोगों से पूछा, आजकल कौन सी अभिनेत्री ज्यादा लोकप्रिय है। इस पर लोगों ने कैटरीना कैफ का नाम लिया। इसके बाद गुढ़ा ने मुख्य अभियंता से कहा कि मेरे क्षेत्र में कैटरीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बना दो, हेमा मालिनी तो बूढ़ी हो गई। इसी तरह राजस्थान में ही पूर्व मंत्री शांतिलाल धारीवाल ने अलवर में जैन समाज के एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने क्या बुद्धि का ठेका ले रखा है? कोटा के रिजल्ट में 70 फीसदी बनिए ही होते हैं। दो साल पहले दिल्ली की रिठाला सीट पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ‘देश के गद्दारों को गोली मारने’ के नारे लगवाए थे। इस पर चुनाव आयोग ने विवादित बयान देने वाले भाजपा नेता अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की थी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने तो जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी तक बता दिया था। जब भाजपाई या अन्य दलों के नेता इस तरह के विवादित बयान देते हैं तो विपक्षी सक्रिय हो जाते हैं। अक्सर चुनाव के दौरान ही ज्यादातर विवादित बयान दिये जाते हैं। फिर पुलिस में मामला दर्ज होता है। किसी-किसी मामले में गिरफ्तारी और अंत में सब बरी। आम जनता भी यह सब समझने लगी है, इसलिए वह तो इसे नजर अंदाज ही करने लगी है लेकिन दलगत नेता बयानों पर कई दिनों तक पलटबार करके मीडिया में छाए रहते हैं।

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