अंग्रेजों ने लघु और कुटीर उद्योगों को खत्म कियाः सीईओ

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-माधव महाविद्यालय में रोजगार सृजन केन्द्र का शुभारंभ
ग्वालियर।

प्राचीन काल में भारत आत्म निर्भर था। अंग्रेजों ने देश पर कब्जा करने के बाद यहां के लघु और कुटीर उद्योगों को खत्म कर दिया था। लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने से भारत फिर से स्वावलम्बी बन जाएगा। रोजगार के लिए रोजगार सृजन केन्द्र मील का पत्थर साबित होगा। यह बात ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने नई सडक़ स्थित माधव महाविद्यालय में रोजगार सृजन केन्द्र के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही।

विशेष अतिथि उद्योगपति नरेश मदान ने कहा कि देश के साथ ग्वालियर में भी रोजगार बढ़े इसके लिए हम भी सहयोग के लिए तैयार हैं। रोजगार बढऩे से निश्चित ही देश और शहर की उन्नति होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी ने कहा कि यह एक अनूठी पहल है। उन्होंने बताया कि जीवाजी विश्वविद्यालय में इनक्यूबेशन सेंटर शुरू किया गया है। यहां से भी युवा स्वरोजगार शुरू करने के लिए जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि स्वावलम्बी भारत योजना को स्कूली स्तर पर भी प्रमोट करना चाहिए। इससे परिणाम बहुत अच्छे मिलेंगे। इससे पहले अतिथियों का स्वागत रीना सोलंकी और प्रो.नीति पांडे ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका कुशवाह ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संपर्क प्रमुख नवल शुक्ला, राष्ट्रोत्थान न्यास के अध्यक्ष प्रो.राजेन्द्र बांदिल, ग्वालियर विभाग सेवा प्रमुख सुनील पाठक, हरेंद्र शर्मा, स्वदेशी जागरण मंच के राकेश शर्मा,संजीव गोयल,सुघर सिंह पवैया, राकेश अग्रवाल,सुधीर भदौरिया, संजीव कुचिया आदि उपस्थित थे।

उद्यमी बनकर स्वावलम्बी बनें युवा

स्वावलम्बी भारत अभियान के अंतर्गत मध्य भारत प्रांत के 16 जिलों में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भोपाल से ऑनलाइन रोजगार सृजन केन्द्र का शुभारंभ किया। माधव कॉलेज में इसका सीधा प्रसारण दिखाया गया। इसमें लघु उद्योग भारती मध्यभारत प्रांत के महामंत्री एवं रोजगार सृजन केन्द्र ग्वालियर के पालक सोबरन सिंह तोमर ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि यह अभियान भारत के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं का सामूहिक अभियान है । इसका उद्देश्य गरीबी मुक्त तथा समृद्धि युक्त भारत का निर्माण करना है।

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