भू-विज्ञान में अवसर एवं चुनौतियां, JU में आयोजन

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जेयू: भूविज्ञान में हुआ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

सिटी रिपोर्टर, ग्वालियर।

जीवाजी विश्वविद्यालय के भूविज्ञान अध्ययन शाला में आज भूविज्ञान में अवसर एवं चुनौतियों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेयू एवं शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के भूविज्ञान विषय के स्नातक स्नातकोत्तर एवं शोध विद्यार्थियों ने भागीदारी की। प्राध्यापकों,विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं अतिथियों ने प्रारंभ में जेयू के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो.केके सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके कार्यकाल में 1991 में विभाग की शुरुआत हुई थी।

विभागाध्यक्ष प्रो.एसएन महापात्रा ने अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भूविज्ञान का क्षेत्र विविधतापूर्ण हैं, जहां भूविज्ञान के विद्यार्थियों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। विषय विशेषज्ञ एवं विभाग के प्रथम बैच के छात्र रहे
दीपक सक्सेना ओआईसी माइनिंग, गुना ने भूविज्ञान प्रतियोगिताओं के क्षेत्र में तैयारी करने तथा खनन क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रतियोगिताओं की तैयारियों हेतु विभिन्न पुस्तकों की विशेषताएं बताईं। विशेषज्ञ एवं द्वितीय बैच के छात्र रहे डॉ.अरविंद पांडे ने अटल सुरंग और चिनाब पुल निर्माण से जुड़ी अभियांत्रिक परियोजनाओं में अपने अनुभव साझा किए। प्रथम बैच के छात्र रवींद्र उपाध्याय ने भूगर्भीय क्षेत्र भ्रमण और जियोफोटोग्राफी से जुड़ी चुनौतियों के टिप्स और ट्रिक्स के बारे में बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शा. विज्ञान महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.सुयश कुमार ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां नियमित की जानी चाहिए जिससे युवा छात्र स्नातक स्तर से ही करियर एवं अध्ययन के संबंध में अपना मन बना सकें और भविष्य में अपनी पसंदीदा शाखा का चयन कर सकें। मुख्य अतिथि आरके दुबे (जियोलॉजिस्ट व रिटा बैंक मैनेजर) ने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रो.केके सिंह के साथ अपने अनुभव साझा किये साथ ही विषय आधारित चुनौतियों के बारे में छात्रों को बताया। डॉ.पीएस कौरव ने कार्यक्रम का संचालन एवं आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर डॉ.पीके जैन, लोकेन्द्र भदोरिया, विकास पाराशर सहित एसओएस अर्थ साइंस के छात्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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