सिटी रिपोर्टर ग्वालियर ।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ के पिता एवं भितरवार के भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौड के चचेरे भाई अशोक सिंह राठौड़ (75) ने शनिवार दोपहर को अपने निजी आवास जवाहर कॉलोनी में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। 
वे कंपू थाना क्षेत्र स्थित जवाहर कॉलोनी के मकान नंबर C-76 में रहते थे। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उनका छोटा बेटा व महिलाएं घर पर थीं। इसी दौरान अशोक सिंह के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनते ही घर के लोग कमरे में पहुंचे तो लहूलुहान हालत में जमीन पर अशोक को पड़ा देख चीख पड़े। पास ही बड़े बेटे आशीष राठौड की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टराें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर एसपी धर्मवीर सिंह, एफएसएल अधिकारी अखिलेश भार्गव समेत पुलिस अफसर घटनास्थल पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया।
चेकअप के लिए दिल्ली जाने वाले थे
अशोक सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके सिर में पिछले दो-तीन दिन से तेज दर्द हो रहा था। दिल्ली में उनका इलाज भी चल रहा था। रविवार को बड़े बेटे आशीष प्रताप सिंह राठौर उन्हें दिल्ली चेकअप करवाने के लिए ले जाने वाले थे। एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे थे। परिजन के बयानों में पता चला है कि अशोक सिंह डिप्रेशन में चल रहे थे। उनका ट्रीटमेंट भी चल रहा था।
थोक उपभोक्ता सरकारी भंडार के अध्यक्ष रह चुके
अशोक सिंह थोक उपभोक्ता सरकारी भंडार के अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, बेटा आशीष प्रताप सिंह राठौर भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हैं। इसके अलावा, उनके चचेरे भाई मोहन सिंह राठौर भितरवार से भाजपा विधायक हैं। घटना का पता चलते ही विधायक भी वहां पहुंचे
आचार संहिता में रिवॉल्वर रखने दिया था आवेदन
जिस रिवॉल्वर से गोली मारी है, वह उनके बेटे आशीष सिंह की है। आशीष तेल का कारोबार भी करते हैं। विधानसभा चुनाव की आचार संहित खत्म होते ही उन्होंने थाने में जमा रिवाॅल्वर निकाल ली थी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में उन्होंने थाने में दोबारा जमा नहीं की। इसके लिए थाने में सिक्याेरिटी का हवाला देते हुए आवेदन भी दिया था।












