हरीश चन्द्रा, ग्वालियर।
वीरपुर बांध से अवैध रूप से करीब एक करोड़ रुपये की मिट्टी और मुरम खोदकर बेचने के मामले में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में माफियाओं से जल संसाधन विभाग के ही कुछ निचले स्तर के अधिकारियों की सांठगांठ उजागर हुई है तो दूसरी ओर शहर में एलिवेटेड रोड बना रही फर्म ने भी बड़ा घोटाला किया है। फर्म द्वारा जल स्त्रोत हनुमान बांध का अस्तित्व खत्म करने का भी खेल खेला जा रहा था। बिल्लू बादशाह की खबर के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और एलिवेटेड रोड बना रही फर्म का का बंद कराते हुए माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र सौंपा है। 
हनुमान बांध और स्वर्ण रेखा नदी में डाली मिट्टी
माफियाओं के कब्जे से पहले शहर के प्यास बुझाने के लिए वीरपुर बांध और हनुमान बांध शहर के लाइफ लाइन होते थे। लेकिन शहर में एलिवेटेड रोड बनाने के लिए अब हनुमान बांध का अस्तित्व खत्म किया जा रहा है। वीरपुर बांध से अवैध रूप से मिट्टी खोदकर एलिवेटेड रोड के लिए हनुमान बांध और स्वर्ण रेखा नदी में डाली जा रही है।
खबर दी तब पहुंचे अफसर
वीरपुर बांध से अवैध रूप से मुरम और मिट्टी खोदकर बेचने की खबर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची तब वे सचेत हुए। अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री अग्निवेश सिंह के नेतृत्व में टीम वीरपुर बांध और हनुमान बांध पहुंची तो मामला सही निकला। श्री चतुर्वेदी ने जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पूछा तब पता चला कि अभी एलिवटेड रोड का सेकंड फेस में काम के लिए पीएनसी इन्फ्रा से एग्रीमेंट ही नहीं हुआ है। यह बड़ा फर्जीवाड़ा है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने एलिवेटेड रोड बनाने वाली फर्म पर अवैध मिट्टी लेने पर रॉयल्टी (जुर्माना) ठोकने के साथ माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेज दिया है।
इनका कहना है
एलिवेटेड रोड बनाने वाली फर्म ने सूचना दिये बिना ही हनुमान बांध में मिट्टी डाली है। हमने उनका काम बंद करा दिया है और अवैध मिट्टी के लिए उनसे रॉयल्टी वसूली जाएगी, इसकी गणना की जा रही है। विभाग कौन से कर्मचारी इस कारोबार में संलिप्त है, इसका पता लगाया जा रहा है। जांच के लिए हमने पुलिस को भी आवेदन दे दिया है।
अग्निवेश सिंह, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग












