करोड़ों की सरकारी जमीन हारे सरकारी वकील विजय शर्मा, कार्यकाल भी खत्म, न्यायालय की भी सख्त टिप्पणी

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कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रधान जिला न्यायाधीश भी जता चुके हैं नाराजगी

ग्वालियर।

करोड़ों रूपए कीमत की सरकारी जमीनों की रक्षा के लिए सरकार, सरकारी वकील नियुक्त करती है लेकिन उनकी लापरवाही से सरकार को मुंह की खाना पड़ रही है। ग्वालियर में पिछले छह साल से विजय कुमार शर्मा सरकारी वकील (लोक अभियोजक) हैं। कई मामलों में लापरवाही से सरकार की करोड़ों रुपए कीमत की जमीन निजी हाथों में जा चुकी है। सरकारी पक्ष की इस गंभीर लापरवाही पर प्रधान जिला न्यायाधीश भी नाराजगी जता चुके हैं और कलेक्टर को पत्र लिखकर ट्रायल कोर्ट में पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों की जांच कर विधि अनुरूप कार्रवाई का निर्देश दे चुके हैं। अब विजय कुमार शर्मा सहित छह सरकारी वकीलों का कार्यकाल 10 मई 2024 को खत्म हो चुका है। आगामी आदेश तक वे सरकार की ओर से अदालत में पैरवी नहीं कर सकेंगे।

 

इन वकीलों का कार्यकाल खत्म

मप्र शासन के विधि और विधायी कार्य विभाग की ओर से 10 मई 2021 को आदेश जारी कर एडवोकेट विजय कुमार शर्मा को जिला मुख्यालय ग्वालियर के लिए लोक अभियोजक तथा एडवोकेट घनश्याम अग्रवाल, शरद भटनागर, धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, मिनी शर्मा और मंजुला त्रिपाठी को अपर लोक अभियोजक (एजीपी) तीन साल के लिए नियुक्त किया था। यह कार्यकाल 10 मई को खत्म हो चुका है। ऐसी स्थिति में अब सभी छह वकील, सरकार की ओर से किसी मामलों में पैरवी नहीं कर सकेंगे।

प्रधान जिला न्यायाधीश का कड़ा पत्र

सरकारी वकीलों की लापरवाही से प्रधान जिला न्यायाधीश भी संतुष्ट नहीं हैं। ग्वालियर जिले के बहादुरपुरा के सर्वे क्रमांक 2564 रकवा 0.428 हेक्टेयर तथा सर्वे क्रमांक 2565/1 की 3.511 हेक्टेयर जमीन सरकारी थी जिस पर यादवेन्द्र सिंह गुर्जर एवं अन्य ने अपना दावा पेश किया था। करोड़ों रुपए कीमत की सरकारी जमीन के इस मामले में विचारण न्यायालय (ट्रायल कोर्ट) में सरकारी वकील विजय कुमार शर्मा 18 फरवरी 2022 से निर्णय दिनांक तक अनुपस्थित रहे जिसका उल्लेख अदालत की आदेश पत्रिका (ऑर्डर शीट) में भी है। लेकिन श्रीमती उपमा भार्गव न्यायालय तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड जिला ग्वालियर ने प्रकरण क्रमांक आरसीएसए 119/2014 में सरकारी दस्तावेज को देखकर सरकार के पक्ष में दिनांक 23 नवंबर 2022 को फैसला दिया। फैसले में एकपक्षीय घोषित किया गया। फैसले के खिलाफ यादवेन्द्र सिहं ने प्रधान जिला न्यायाधीश के समक्ष दिनांक 2 जनवरी 2023 को अपील की। प्रधान जिला न्यायाधीश पीसी गुप्ता के न्यायालय ने जब इस प्रकरण क्रमांक आरसीए/4/2023 में ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड कॉल किया तब उसमें शासकीय अधिवक्ता की लापरवाही पाई गई। हालांकि इस मामले में प्रधान जिला न्यायाधीश ने फैसला तो सरकार के पक्ष में ही यथावत रखा लेकिन शासकीय अधिवक्ता की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ उचित दृष्टिकोण से जांच कर विधि अनुरूप कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर ग्वालियर को दिनांक 16 अक्टूबर 2023 को पत्र लिखा गया।

आरटीआई कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

आरटीआई कार्यकर्ता संकेत साहू ने विजय कुमार शर्मा के कई प्रकरणों का हवाला देते हुए उनके कार्यकाल में हारे सरकारी जमीनों के प्रकरणों की जांच की मांग करते हुए शासन को पत्र भेजा है। संकेत ने लोकायुक्त में भी विजय कुमार शर्मा की शिकायत की है। शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपने व अपनी पत्नी के नाम सरकारी जमीन कर ली है। इसमें जांच शुरू हो चुकी है। विजय कुमार शर्मा का कार्यकाल न बढ़ाने की मांग करते हुए संकेत ने कलेक्टर व शासन को भी तथ्यों के साथ शिकायत की है।

 

 

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