शिकायतकर्ता द्वारा लोकायुक्त को उपलब्ध कराए गए दस्तावेज, बयान भी दर्ज
विशेष संवाददाता, ग्वालियर।
करोड़ों रुपये कीमत कीं सरकारी जमीनों का बंदरबांट करने के आरोपों से घिरे ग्वालियर के सरकारी वकील विजय कुमार शर्मा की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। महलगांव स्थित करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की सरकारी जमीन को अपने और अपनी पत्नी साधना शर्मा के नाम करने के मामले में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर ने शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच और बयान के बाद मामला पंजीबद्ध करने का अभिमत महानिदेशक लोकायुक्त कार्यालय भोपाल को भेज दिया है।
यह है मामला
संकेत साहू ने लोकायुक्त में लिखित शिकायत करते हुए उल्लेख किया है कि ग्वालियर जिले के ग्राम महलगांव के सर्वे नंबर 974 का मिसिल बंदोबस्त संवत 1997 (वर्ष 1940) के खसरे में यह जमीन सरकारी और माफी देवस्थान मंदिर की थी, लेकिन वर्ष 2021 के खसरे में महलगांव की सर्वे नंबर 974/7 की जमीन का नामांतरण और इंद्राज दुरस्ती विजय कुमार शर्मा और उनकी पत्नी साधना शर्मा के नाम दर्ज हो गई। विजय कुमार शर्मा अक्टूबर 2019 से जिला न्यायालय के सरकारी वकील हैं। सरकार ने उन्हें सरकार का पक्ष मजबूत रखने और सरकारी जमीनों की रक्षा की जिम्मेदारी दी है।
अदालत ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द करने वाले माफियाओं के खिलाफ संकेत साहू अभियान छेड़े हुए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने लोकायुक्त को महलगांव के इस सर्वे नंबर को निजी किये जाने की शिकायत की थी। लेकिन लोकायुक्त शिकायतकर्ता के बयान तो दर्ज कर लिये लेकिन जब मामला खटाई में पड़ता नजर आया तो संकेत ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर कर सरकारी जमीन को बचाने की गुहार लगाई। अदालत ने शिकायतकर्ता के अधिवक्ता के तर्क सुनने और दस्तावेज देखने के बाद इस मामले में लोकायुक्त को नोटिस जारी करते हुए 30 अप्रैल को स्टेट्स रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।












