मेडिकल कॉलेजों की ऑटोनॉमस बॉडी के अध्यक्ष अब संभागायुक्त नहीं होंगे, डीन और संभागायुक्त की जुगलबंदी पर हो जाएगा केंद्रीय अंकुश :PMTA

0
147

भोपाल/ग्वालियर

मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेज की ऑटोनॉमस बॉडी के अध्यक्ष अब संभाग आयुक्त नहीं होंगे। मध्य प्रदेश सरकार ने इसकी नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

शासी निकाय का अध्यक्ष अब मध्य प्रदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का आयुक्त अथवा संचालक होगा। इसकी नियुक्ति सरकार के द्वारा की जाएगी।

मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन भी कुछ खुश

PMTA की बहुलंबित मांग जिसमे कमिश्नर प्रणाली को हटाए जाने की बात थी उसका शासन पर आंशिक असर हुआ है।
नई व्यवस्था चिकित्सा शिक्षकों/चिकित्सकों के लिए कितनी कारगर होगी कह पाना मुश्किल है लेकिन अब डीन और डिविजनल की जुगलबंदी की कार्यप्रणाली पर केंद्रीय नियंत्रण हो जाएगा।
अब कामों में देरी होने की संभावना है। संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर सुनील अग्रवाल का कहना है कि अधिष्ठाता के अधिकार बढ़ेंगे या नियंत्रित होंगे कहा नहीं जा सकता है।
भोपाल में बैठे मंत्रियों और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को समझ आ गया था कि डिविजनल कमिश्नर (जो कि अधिकांशतः प्रमोटी आईएएस होता है) और डीन मिलकर क्या करते हैं।
धीरे धीरे स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों की व्यवस्था को खत्म किए जाने के प्रयास है।
वर्तमान में शासन के एक ही नियम/ आदेश की व्याख्या अलग अलग महाविद्यालयों में अलग अलग रूप से कर लागू हो रही है। अब सभी महाविद्यालयों में एक रुपता भी आ सकती है।
*हम चाहते है चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे तकनीकी विभागों का नियंत्रण चिकित्सकों के ही हाथों में रहना चाहिए एवं चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य आयुक्त एवं अन्य उच्च पदों पर चिकित्सकों को ही आईएएस अवार्ड कर बैठाना चाहिए।*

 

LEAVE A REPLY