पटवारी, तहसीलदार और निगम अधिकारियों ने कर दिया खेला
हरीश चन्द्रा, ग्वालियर।
भू-माफिया से बड़े माफिया अब जिम्मेदार अधिकारी होते जा रहे हैं। सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के हवाले कर सरकार को करोड़ों रूपये का झटका दिया जा रहा है। ऐसा ही मामला ग्वालियर के वार्ड 59 में केदारपुर में सामने आया है। करीब 20 करोड़ कीमत की दो बीघा से ज्यादा जमीन पर भू-माफिया ने अवैध कॉलोनी बसा दी और पटवारी, तहसीलदार व एसडीएम आंखों के सामने खड़े होकर भ-माफिया को संरक्षण देते रहे। सर्वे क्रमांक 80 की सरकारी जमीन पर जब माफिया और अधिकारियों का यह गठजोड़ परवान चढ़ा तो मर्दान सिहं रावत नामक युवक ने हिम्मत दिखाई और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा दी। बस, शिकायत करना माफिया और अधिकारियों को इतना नागवार गुजरा कि शिकायतकर्ता को ही धमकी दे डाली।

ऐसे की खानापूर्ति
केदारपुर में अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है जिसमें सर्वे क्रमांक 80 सरकारी है। शिकायत के बाद पटवारी और तहसीलदार ने मौका मुआयना किया और शिकायत को सही पाया। आश्चर्य यह है कि प्रशासन के अधिकारियों ने माफिया पर दो हजार प्रति दिन के हिसाब से जुर्माने का नोटिस तो थमा दिया लेकिन जमीन मुक्त कराई और ने एफआईआर। अधिकारियों की कृपादृष्टि बनी रही तो माफिया ने धड़ल्ले से प्लॉट बेच डाले। उधर, नगर निगम ने भी इस अवैध कॉलोनी के लिए विनायक कन्स्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर शैलेन्द्र पाठक को नोटिस तो थमाया लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। इस तरह एक साल से चल रही शिकायत-खानापूर्ति की कार्रवाई ने माफियाओं के साथ गठजोड़ को सच साबित कर दिखाया।
इनका कहना है
शिकायत पर जब जांच की गई तो सरकारी जमीन पर बाउण्ड्रीवाल बनाकर अवैध कॉलोनी बसाने की बात सही निकली। कॉलोनाइजर को हमने नोटिस दिया और करीब एक लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है।
ज्योति साहू, पटवारी
—
कार्रवाई करेंगे
सर्वे क्रमांक 80 पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। हमने जुर्माना किया। हमने उसने जुर्माना जमा नहीं किया है। जल्द ही हम जमीन को मुक्त कराएंगे।
शत्रुघन सिंह चौहान, तहसीलदार
—
मुक्त कराएंगे
मेरे संज्ञान में पूरा मामला आ चुका है। तहसीलदार को निर्देश दिये हैं कि अमला ले जाकर जमीन को मुक्त कराएं।
विनोद सिंह, एसडीएम
—
नोटिस दिया है
अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है। हमारे पास तो रजिस्ट्री आती है। उस आधार पर नामांतरण कर देते है। वैसे अवैध कॉलोनी में प्लॉट का नामांतरण नहीं किया जाता है। कॉलोनाइजर को हमने नोटिस दिया था कि वह दस्तावेज प्रस्तुत करे। अभी तक दस्तावेज नहीं आए हैं।
महेन्द्र शर्मा, एपीटीओ, नगर निगम
धमकी दी है
सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी की जब मैंने लिखित शिकायत की तो मुझे धमकी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत वापस ले लो।













