ग्वालियर – ग्वालियर नगर निगम परिषद में इस बार कांग्रेस बहुमत में है , महापौर कांग्रेसी है लेकिन सभापति भारतीय जनता पार्टी की और भाजपा विपक्ष में है। उधर डेढ़ और मध्यप्रदेश सरकार भाजपा की है। अधिकारी भाजपा के नियंत्रण में है तो केंद्र और राज्य सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए राशि भी मिलती है। परिषद में कांग्रेस और भाजपा के पार्षद यह समझ ही नहीं पाते कि वे सत्ता पक्ष में है या विपक्ष में।

अब अंकगणित देखें तो नगर सरकार कांग्रेस की है, लेकिन सड़क , सीवर , पानी, बिजली , घपले, घोटाले की जब बात आती है तो सत्ता पक्ष के पार्षद ही धरने पर बैठ जाते हैं । उन्हें पता ही नहीं चलता कि वह नगर सरकार के विरोध में धरने पर बैठे हैं। जैसा बुधवार को बैठक में देखने को मिला। पानी की समस्या पर कांग्रेस की वार्ड 52 की पार्षद संध्या कुशवाह धरना देकर बैठ गई ।
उनके साथ में कांग्रेस के द्वारा और सदस्य भी बैठ गए। इससे विपक्ष यानी भाजपा के पार्षद खुश हुए । उन्होंने कहा की नगर सरकार में जब उनके ही पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही तो फिर जनता की कौन सुनवाई करेगा।












