पुरानी छावनी बनेगी नई तहसील और सरकार लगायेगी कुलैथ में भगवान जगन्नाथ का मेला

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मुख्यमंत्री चौहान ने साडा क्षेत्र में बसे गाँवों को दी लगभग 84 करोड़ रूपए की सौगातें
ग्वालियर।
पुरानी छावनी तहसील बनेगी और सरकार की ओर से भगवान जगन्नाथ का मेला लगाया जाएगा। यह घोषणा शुक्रवार को ग्वालियर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर के साडा क्षेत्र में बसे गाँवों सहित इस क्षेत्र के अन्य ग्रामों को रियासतकालीन जलाशयों को भरने की महात्वाकांक्षी परियोजना सहित लगभग 84 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों की सौगातें दीं। साथ ही कहा कि साडा क्षेत्र की 18 ग्राम पंचायतों के 28 गाँवों के लिये सरकार ने 60 करोड़ रूपए लागत की समूह नल-जल योजना मंजूर कर दी है। इन गाँवों के हर घर में नल की टोंटी से पानी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिला शक्ति को खुशखबरी सुनाते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के हित में “मुख्यमंत्री लाड़ली बहिना” योजना शुरू की है। यह योजना सामाजिक क्रांति लाने वाली योजना साबित होगी।
तिघरा जलाशय के समीप स्थित पुलिस प्रशिक्षण शाला में शुक्रवार को आयोजित हुए विकास कार्यों के भमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुरानी छावनी को नई तहसील बनाने और कुलैथ में सरकार की ओर से भगवान जगन्नाथ का मेला लगाने की घोषणा भी की। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की।
समारोह में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, लघु उद्योग विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती इमरती देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री कौशल शर्मा व श्री जयसिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पंचायत राज संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बहनें सशक्त होंगीं तो परिवार सशक्त होगा और परिवार सशक्त होगा तो प्रदेश और देश सशक्त होगा। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री लाड़ली बहिना योजना” शुरू की है। इस योजना के आवेदन फॉर्म आगामी 5 मार्च से भरने शुरू हो जायेंगे। पाँच एकड़ तक जमीन वाले सीमांत किसान परिवारों की महिलाओं सहित ढ़ाई लाख रूपए तक की आमदनी वाले हर परिवार की महिला को योजना का लाभ मिलेगा। सरकार के प्रयास होंगे कि हर माह की 10 तारीख तक प्रत्येक पात्र महिला के खाते में एक हजार रूपए पहुँच जाएँ। उन्होंने किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर खेती के ऋण उपलब्ध कराने की वचनबद्धता भी दोहराई।

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