स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षाः भर्ती करने वाली कंपनी से लीक हुआ भर्ती परीक्षा का पर्चा

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स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षाः भर्ती करने वाली कंपनी से लीक हुआ भर्ती परीक्षा का पर्चा

ग्वालियर, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का ग्वालियर में लीक हुए पर्चे के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि रिक्रूटमेंट कंपनी स्ट्रेटेजिक अलायंस मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (SAMS) से ही यह पर्चा लीक हुआ था। NHM संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा कराने का जिम्मा SAMS संस्था के पास ही था। गिरोह के मास्टरमाइंड की संस्था में गहरी पैठ है। स्ट्रेटेजिक अलायंस मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (SAMS) नाम की कंपनी सरकारी विभागों में रिक्रूटमेंट कंसल्टिंग का काम करती है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पिछले 48 घंटे में गैंग के एजेंट ने 70 से 80 परीक्षार्थियों या उनके परिजन ने संपर्क किया। इनमें से 26 स्टूडेंट्स ने पर्चा खरीदा था। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग का मास्टरमाइंड अभी फरार है।

नौ लोगों का गिरोह, आठ गिरफ्तार

1 .धनंजय (32) पुत्र सुशील पांडे, निवासी प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

2 . रजनीश (35) पुत्र रमेश जाट, निवासी सोनीपत, हरियाणा

3 . जोगिंदर (42) पुत्र रामचंद्र जाट, निवासी सोनीपत, हरियाणा

  1. ऋषि कांत (34) पुत्र रामभरोसे त्यागी, निवासी महलगांव, ग्वालियर
  2. सौरभ (22) पुत्र अवधेश तिवारी, निवासी, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
  3. मनीष (28) पुत्र शिव कुमार पासवान, निवासी नालंदा, बिहार
  4. विपिन (25) पुत्र वीरेंद्र शर्मा, निवासी अटेर, भिंड

8 . दीपू (29) पुत्र सतराम पांडे, निवासी, ग्वालियर

इस तरह चलता था नेटवर्क

गिरोह में हर शख्स का रोल तय था। NHM संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा कराने वाली संस्था SAMS में गिरोह के मास्टरमाइंड पुष्कर पांडे की गहरी पैठ है। वहां से परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड जारी होते ही जिले वाइज लिस्ट पुष्कर पांडे के पास पहुंच जाती थी। इसे वह ग्वालियर के एजेंट ग्रुप के सरगना दीपू पांडे को भेज देता था। दीपू अपने साथियों विपिन शर्मा निवासी भिंड हाल ग्वालियर व ऋषिकांत त्यागी निवासी ग्वालियर के साथ मिलकर स्कैन करते थे।

इसके बाद परीक्षार्थियों के नंबर पर कॉल कर उनसे संपर्क करते थे। ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क करने की कोशिश करते थे। पर्चा उपलब्ध कराने के लिए 1 से 3 लाख रुपए के बीच डील की जाती थी। इसके बाद परीक्षा से 24 घंटे पहले शहर से दूर हाईवे पर होटल या ढाबों पर अड्‌डा बनाया जाता था। जहां गैंग के अन्य सदस्य पहुंच जाते थे। यहां लीक पर्चा परीक्षार्थियों को दिया जाता था।

 

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