सिटी रिपोर्टर ग्वालियर !
ग्वालियर जिले में भी एक जुलाई से 100 दिवसीय सिकल सेल एनिमिया स्क्रिनिंग एवं जागरूकता अभियान शुरू हुआ। इस अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं समेत जन्म से 40 वर्ष आयु वर्ग तक के हितग्राहियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही चिन्हित सिकल सेल रोगियों का उपचार किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले में प्रभावी ढंग से इस अभियान को मूर्तरूप देने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शासकीय गैर शासकीय संस्थाओं तथा समाज के प्रतिनिधियों को जोड़कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सिकल सेल मित्र भी बनाए जायेंगे। सेवाभावी नागरिक सिकल सेल मित्र बनकर इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि ग्वालियर
जिले को प्रतिदिन 100 हितग्राहियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य मिला है । स्क्रीनिंग का काम जिला
अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आयुष्मान आरोग्य मंदिर इत्यादि
शासकीय संस्थाओं में किया जायेगा। स्क्रीनिंग और जांच करके नेशनल सिकल सेल एनीमिया
एलिमिनेशन पोर्टल पर एंट्री की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दीपाली माथुर ने बताया कि मंगलवार को 100 दिवसीय सिकल सेल एनिमिया स्क्रिनिंग एवं जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया । साथ ही ग्वालियर जिले में फॉगसी संस्था की समस्त गायनकोलॉजिस्ट व बेटी है तो कल है समाज सेवी संगठन की श्रीमती वंदना भूपेंद्र प्रेमी सिकल मित्र बनाए गए हैं। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए गए। वी एच एन डी सत्र पर आने वाली गर्भवती महिलाओ को इसके बारे में जानकारी दी गई।
ये हैं सिकल सेल एनीमिया के लक्षण सिकल सेल एनीमिया के लक्षण प्रमुख रूप से खून की कमी होना, थकावट एवं सांस , बार-बार सर्दी, खांसी एवं बुखार होना, हाथ पैरों तथा जोड़ों में सूजन व दर्द व तिल्ली का बढ़ जाना इत्यादि लक्षण शामिल हैं
सिकल मित्र कौन हो सकता है सिकल मित्र वह व्यक्ति होता है जो समुदाय में सिकल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने एवं रोगियों की सहायता करने और उन्हें सरकारी संस्थाओं से जोड़ने का कार्य करता है। यह व्यक्ति आमतौर पर स्वास्थ्य विभाग या अन्य शासकीय या गैर शासकीय विभाग या संस्थानों, सवयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवक, स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता जैसे आशा एएनएम, पंचायत सदस्य आदि कोई भी व्यक्ति हो सकता है, जो जमीनी स्तर पर समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ हो।
सिकल सेल मित्र के दायित्व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दीपाली माथुर ने बताया कि चिन्हित किए गए सिकल मित्रों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षित कर जिले में चिन्हित सिकल सेल रोगियों व वाहकों के उपचार में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। सिकल सेल मित्र के प्रमुख दायित्वों में सिकल के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में समुदाय को समझाना, जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, साथ ही सिकल सेल से जुड़ी गलतफहमियों एवं भ्रांतियां को दूर करना है। सिकल सेल की स्क्रीनिंग, जांच के लिए प्रेरित करना, रोगियों की पहचान और उन्हें नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ना एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही सिकल सेल रोगियों के लिए योजनाओं के बारे में जानकारी देना आदि शामिल हैं।












