हरीश चन्द्र, ग्वालियर।
शहरवासियों ने बड़ी उम्मीद के साथ 57 साल बाद नगर सरकार को बदला और भाजपा को हटाकर कांग्रेस को कमान सौंपी। परन्तु अब यही सरकार भाजपा के साथ मिलकर जनता पर कहर ढाने लगी है। कांग्रेस-भाजपा का गठजोड़ इतना मजबूत हो गया है कि पार्षद करोड़पति बनने की ओर हैं, जनता ठगी सा महसूस करने लगी है। पार्षदों ने अपनी मौलिक निधि बढ़ाने पर जोर दिया, दोनों दलों ने कोई आपत्ति नहीं की। अब पार्षदों को हर साल 1 करोड़, सभापति को 9 और महापौर को 10 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव महापौर की सरकार (मेयर इन काउंसिल) ने पास कर दिया है। यह मौलिक निधि वे अपनी इच्छानुसार क्षेत्र में खर्च कर सकेंगे। उधर, बच्चों के लिए शहर के एक मात्र मनोरंजन स्थल चिड़ियाघर, वोट क्लब और तैराकी के शौकीनों के तरण पुष्कर में तैरना महंगा कर दिया। कटोराताल, डिजिटल म्यूजियम जैसी सौगातों पर टिकट ठोक दिया है। किसी भी पार्षद ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की और सहमति से टिकट बढ़ाने का निर्णय ले लिया।
इन हालातों पर मौन है सत्तापक्ष-विपक्ष
ग्वालियर शहर में सड़कें नहीं बची बल्कि गड्डों में सड़क खोजना पड़ रही है। 25 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। धूल के गुबार और गड्डों ने शहर की आधी आबादी को तरह-तरह की बीमारी के मुंह में धकेल दिया है। हर साल करीब 100 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी हर गली, मोह्लों में कचरे के ढेर पड़े देखे जा सकते हैं। पांच साल में करीब 50 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी पार्कें वीरान, उजाड़ से पड़े हैं। एसे ही अनगिनत गंभीर मामले हैं जिनसे शहर की जनता कराह रही है। नगर निगम द्वारा जबरन थोपे जा रहे संपत्तिकर, जलकर, सफाई कर सहित अन्य टैक्स सदरवासियों की कमर तोड़ रहे हैं, लेकिन जनता ने जिन्हें अपने नेता माना, रहनुमा माना, अपने क्षेत्र, शहर का मुखिया माना वे लखपति से करोड़पति होते जा रहे हैं और चैन की बंसी बजाकर अपने घरों को सजा रहे हैं।
सांसद भी पीछे रह गये
जिले के सांसद को हर साल 5 करोड़ रुपए की मौलिक निधि मिलती है लेकिन अब महापौर की निधि ही 10 करोड़ रुपए होने जा रही है। यानी महापौर का रुतवा सांसद से ज्यादा होने वाला है। इतना ही नहीं, पार्षदों को स्वेच्छा निधि 3 लाख, सभापति को 1 करोड़ तथा महापौर को 2 करोड़ रुपए करने की तैयारी है। यह राशि वे किसे देंगे, यह उन पर ही निर्भर करेगा।
ऐसे बढ़ती गई मौलिक निधि
वित्तीय वर्ष पार्षद सभापति महापौर
2021-22 45 लाख 1 करोड़ 2 करोड़
2022-23 45 लाख 5 करोड़ 5.50 करोड़
2023-24 65 लाख 5.50 करोड 6 करोड़
2024-25 1 करोड़ 9 करोड़ 10 करोड़
बॉक्स
सैलानियों पर टूटा कहर
चिड़ियाघर का किराया (रुपये में)
सुविधा 1 मार्च से पहले अब
वयस्क (20 साल से ऊपर) 50 60
विदेशी 150 200
कैमरे से फोटो 20 30
बच्चे ( 5 से 12 साल) 20 20
वोट क्लब बैजाताल
वोट पहले अब
वाटर बाइक 30 50
पेडल वोट 30 50
इलेक्ट्रिक वोट 100 150
शिकारा 100 150
स्वीमिंग पूल पहले किराया अब
तरण पुष्कर फार्म 100 250
(सिटी सेंटर)
पंजीयन 1000 1500
मासिक (18 साल से ऊपर) 500 1000
मासिक (18 साल से कम) 300 700
फेमिली 10,000 20,000
तरण पुष्कर (डीडी नगर)
फार्म 50 100
पंजीयन 500 1000
मासिक (18 साल से ऊपर) 300 700
मासिक (18 साल से कम) 200 500
बाल सरोवर (फूलबाग)
फार्म 100 100
पंजीयन 750 1000
मासिक शुल्क 300 500












