कागज पर पेड़ उगाए, अब 3-3 साल की हुई जेल

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प्रत्येक कर्मचारी पर अदालत ने किया 14-14 हजार का जुर्माना, कार्य किए बिना फर्जी बाउचर पेश कर ले लिए थे पैसे
ग्वालियर।

कागजों में पेड लगाने, फर्जी बाउण्ड्रीवाल वाले वन विभाग के दो अधिकारी वन क्षेत्रपाल टीएन भारद्वाज, वनपाल रमेशचन्द्र शर्मा और दो कर्मचारी वनसेवक विनोद कुमार श्रीवास्तव तथा राजेन्द्र शर्मा को अदालत ने दोषी पाते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश आदित्य रावत ने चारों आरोपियों को भादसं की धारा 120 के अपराध में 2 साल के सश्रम कारावास, 420 के अपराध में 3 साल, धारा 471 के अपराध में दो साल तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में तीन साल की सजा सुनाई तथा प्रत्येक पर 14-14 हजार रूपए का जुर्माना भी किया गया।

जिला अभियोजन अधिकारी राखी सिंह ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि वन मंडल वानकी परिक्षेत्र में वर्ष 1996-97 में विकास कार्यों के तहत गड्ढे खोदने, बाउंड्री वॉल बनाने के साथ ही पेड लगाने का काम होना था। आरोपियों ने कागजों में ही पेड लगा दिए और कागजों में ही बाउंण्ड्री वॉल बनाकर गड्ढे भी खोद दिए। इस भ्रष्टाचार की लोकायुक्त ग्वालियर को शिकायत की गई। लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इस मामले में पाया कि आरोपियों ने कागजों में विकास कार्य कर फर्जी वाउचर प्रस्तुत कर भुगतान प्राप्त कर लिया।

इस मामले में शासन की ओर से पैरवी करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी राखी सिंह ने न्यायालय से कहा कि आरोपियों ने अपने पदों का दुरूपयोग कर शासन को आर्थिक नुकसान तो पहुंचाया ही है साथ ही कागजी पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा की सरकार की योजनाओं को आघात पहुंचाया है। जिला अभियोजन अधिकारी ने आरोपियों के गंभीर अपराध को देखते हुए उन्हें कठोरतम सजा दिए जाने का निवेदन किया। न्यायालय ने सभी तथ्यों को देखने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाते हुए उक्त सजा सुनाई है।

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