1992 से बंद JC मिल में पहली बार पहुंचा कोई CM, बोले-मजदूरों को बीच रास्ते में नहीं छोड़ सकते

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले-सभी मजदूरों की देनदारी चुकाएंगे, ग्वालियर को आईटी हब बनाएंगे

सिटी रिपोर्टर, ग्वालियर।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर की हजीरा स्थित 1992 से बंद पड़ी जेसी मिल का सोमवार की सुबह अचानक निरीक्षण करने जा पहुंचे। उनके साथ क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले जेसी मिल के मजदूर यूनियन से मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मिल के ड्राइंग के जरिये उसका स्ट्रक्चर समझा। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बंद पड़ चुकी जैसी मिल की देनदारी के साथ ही खाली पड़ी हुई जमीन की नीलामी के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री के जेसी मिल में पहुंचने पर बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे मजदूरों के चेहरे पर खुशी आई और वह कहते नजर आए कि वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री है जिन्होंने इस मिल की सुध लेते हुए मजदूरों के बकाए के बारे में सोचा।

पीएम मोदी के चार पिलर की चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निरीक्षण और मजदूर यूनियन से चर्चा के बाद मीडिया को ब्रीफ करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार पिलर बताए हैं। गरीब, महिला, युवा और किसान। इन चारों वर्ग के हितों को हम सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हैं। इस भावना के साथ युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव किये जा रहे है। गरीब महिलाओं युवाओ सहित सभी को रोजगार दिलाने के लिए हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारी यह भी प्राथमिकता है कि जो पुरानी इंडस्ट्रीज है जो किसी न किसी कारण से बंद हो गई। उनके भुगतान से संबंधित मजदूरों के प्रकरण कोर्ट में चल रहे हैं ऐसे में उन सभी मजदूरों के भुगतान के लिए सरकार लेवल पर निर्णय किया है कि उन्हें इस तरह रास्ते में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बहुत से मजदूर ऐसे हैं जो अब इस दुनिया में भी नहीं रहे, ऐसे में हमारा पहला फर्ज बनता है कि हम सभी मजदूरों की देनदारी चुकाये। सरकार का दूसरा निर्णय यह भी है कि ऐसी जमीने जहां हम भविष्य में उद्योग के लिए या किसी अन्य काम के लिए उसका उपयोग करें,जो शहर के विकास के लिए जरूरी है। अच्छी जगह को लावारिस पड़ा रहने देना खराब रहेगा। ऐसे में हमने आज निरीक्षण किया और जल्द ही इसका समाधान भी निकालेंगे। सरकार बनने के बाद हमने हुकुमचंद मिल का भी निराकरण कराया था। इस तरह से जेसी मिल का भी निर्णय करेंगे। आने वाले दिनों में अन्य मिलो का भी इस तरह भुगतान किया जाएगा। हम न्यायालय के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। जहां फाइनेंस से जुड़ी हुई दिक्कत है,उसको लेकर बैंकों से भी बात की जाएगी ताकि मजदूरों के हित में निर्णय आ सके।

मजदूर यूनियन से भी की चर्चा

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद मजदूर यूनियन ने मध्य प्रदेश सरकार का धन्यवाद दिया है,उनका कहना है कि यह पहला ऐसा मौका है जब सालों से बंद पड़ी जेसी मिल को लेकर किसी मुख्यमंत्री ने आगे बढ़कर कदम उठाया और निरीक्षण करने के साथ ही सभी मजदूरों को उनके जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है,मुख्यमंत्री ने हुकुमचंद मिल का समाधान भी निकलवाया है ऐसे में अब पूरी उम्मीद जाग गई है कि उनका बकाया भुगतान मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द हो। मुख्यमंत्री ने इस खाली पड़ी जगह पर आईटी सेक्टर लाने की बात भी कही है जिसके जरिए लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

आपको बता दे कि हाल ही में हुई ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मिले हैं यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज निरीक्षण के बाद आईटी सेक्टर से जुड़ा बड़ा निवेश इस बंद पड़ी हुई जेसी मिल में लाने की बात कही है। आईटी सेक्टर के आने पर ग्वालियर चंबल अंचल के हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

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