सिटी रिपोर्टर, ग्वालियर।
लोकपाल की नियुक्ति न होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्व विद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने प्रदेश की 16 यूनिवर्सिटी को डिफॉल्टर घोषित किया है। इनमे 7 सरकारी यूनिवर्सिटीज के नाम को डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची में डाला है। सूची में ग्वालियर की राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एवं आर्ट यूनिवर्सिटी और राजमाता विजय राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का नाम भी है।
यूजीसी की डिफॉल्टर सूची में देश के 108 राज्य विश्वविद्यालय, 47 निजी विश्वविद्यालय और दो डीम्ड विश्वविद्यालय के नाम शामिल हैं।जिनमे लोकपाल की नियुक्ति नहीं होना कारण बताया गया है।
लोकपाल की नियुक्ति क्यों
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों की शिकायतों के लिए शिकायत निवारण विनियम-2023 के तहत प्रवेश संबंधी गड़बड़ी, फीस, सर्टिफिकेट वापस न करना, उत्पीड़न, परीक्षा संचालन में अनियमितता, छात्रवृति, दाखिले के लिए अलग से धन की मांग करना, आरक्षण नियमों का पालन न करना जैसी अन्य शिकायतों पर अब 15 कार्य दिन में समिति को रिपोर्ट करने और निपटारा करने का दायित्व लोकपाल का होगा।

डिफॉल्टर घोषित सरकारी यूनिवर्सिटी के नाम
★माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी भोपाल,
★राजीव गांधी प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भोपाल,
★मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर,
★नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर,
★जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर,
★राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एवं आर्ट यूनिवर्सिटी ग्वालियर,
★ राजमाता विजय राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर ।
प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी डिफॉल्टर
★आर्यावर्त यूनिवर्सिटी, सीहोर
★एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, इंदौर
★मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भोपाल
★ओरिएंटल यूनिवर्सिटी, इंदौर
★श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर
★स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी, सागर
★ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी, नीमच
★जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भोपाल
★अमलतास यूनिवर्सिटी, देवास।












