ऊर्जा मंत्री तोमर ने स्वच्छता मित्रों सहित सभी को दी शुभकामनाएँ
ग्वालियर
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम घोषित कर दिया गया। एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ग्वालियर को इस सर्वेक्षण में देशभर में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि पिछले साल ग्वालियर 18वें पायदान पर था। यानि समग्र रैंकिंग में दो पायदान का सुधार हुआ है। इंदौर और भोपाल के बाद ग्वालियर मध्यप्रदेश का तीसरा सबसे साफ शहर घोषित किया गया है। इस वर्ष ग्वालियर को वाटर प्लस सिटी का दर्जा मिल गया है, लेकिन कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग में सिर्फ तीन सितारे ही हासिल हो सके हैं। 9500 अंकों के सर्वे में ग्वालियर नगर निगम को 7994.7 अंक हासिल हुए हैं। इस बार सर्वेक्षण चार हिस्सों में किया गया था। इसमें सेवा आधारित प्रगति के 4830 अंकों में से 4270.4, कचरा मुक्त शहर के 1375 में से 725 अंक मिले हैं। वाटर प्लस के 1125 अंक हासिल हुए हैं, जबकि सिटीजन फीडबैक के 2170 अंकों में से 1874.3 अंक प्राप्त हुए हैं।
पिछले कई साल से शहर को मिल रहा था केवल ओडीएफ डबल प्लस
पिछले कई वर्षों से शहर को ओडीएफ डबल प्लस से ही संतोष करना पड़ रहा था, लेकिन इस वर्ष किए गए विशेष प्रयासों से शहर को वाटर प्लस का दर्जा हासिल हो गया है। इससे शहर को पांच करोड़ रुपये के अनुदान के साथ ही केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं में ग्रांट मिलने में आसानी रहेगी। गार्बेज फ्री सिटी की थ्री स्टार रेटिंग भी यथावत रहने की जानकारी निगम अधिकारियों को मिल चुकी है। ऐसे में अब सिर्फ स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम में 9500 अंक में से ग्वालियर नगर निगम को कितने अंक प्राप्त हुए हैं, यह आज पता चल सकेगा। हालांकि नगर निगम अभी तक डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के मामले में संघर्ष करता नजर आ रहा है, लेकिन नई जीपीएस निगरानी से पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार स्थिति बेहतर रही है। डोर-टू-डोर कलेक्शन के इस बार 1600 अंक निर्धारित हैं।
पिछले आठ वर्षों में ये रही हैं निगम की रैंकिंग
- वर्ष 2016-73वीं
- वर्ष 2017-27वीं
- वर्ष 2018-28वीं
- वर्ष 2019-59वीं
- वर्ष 2020-13वीं
- वर्ष 2021-15वीं
- वर्ष 2022-18वीं
- वर्ष 2023-16वीं












