नगर निगम परिषद की बैठक में सीवर और स्ट्रीट लाइट को लेकर जमकर हुआ हंगामा
हरीश चन्द्रा
ग्वालियर। शहर में उफनते सीवर और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर काफी हो हल्ला के बीच नगर निगम परिषद की शुक्रवार को जल विहार में बैठक हुई। सभापति मनोज तोमर की अध्यक्षता में चार घंटे चली बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने तीखे शब्दों का प्रयोग कर कहा कि लोग स्वयं सीवर साफ कर रहे, शर्म की बात है। पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट पर भी अधिकारियों को घेरते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि अंधेरे में दीपावली मनी है। दोनों मुद्दों पर निगमायुक्त से सभापति ने 15 दिन में विस्तृत जानकारी मांगी है।
लोग बीमार हो रहे हैं, डेंगू जानलेवा हो गया है
उपनेता प्रतिपक्ष हरि पाल, विपक्षी पार्षद अपर्णा पाटिल, मनोज राजपूत, ब्रजेश श्रीवास्तव, जितेन्द्र मुदगल, मोहित जाट, देवेन्द्र राठौर, सत्ता पक्ष के अवधेश कौरव, माटू यादव, गायत्री मंडेलिया ने कहा कि न केवल उनके वार्ड बल्कि हर क्षेत्र में सीवर चेंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं। लोग बीमार हो रहे हैं। डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। चेंबर टूटे पड़े हैं, लोग गिर रहे हैं। यही बात सत्ता पक्ष के पार्षदों ने कही। सत्तापक्ष और विपक्ष ने आरोप लगाये कि निगम अधिकारियों ने कार्यालय में बैठकर अपने लोगों को ठेके दिये हैं। ठेके से पहले सीवर संधारण व्यवस्था काफी ठीक थी। अब करोड़ों रुपए ठेके पर खर्च कर किये जाने के बाद भी हालात बदतर हैं। ठेके की जांच की जाए और ठेका निरस्त कर उसी व्यवस्था को बहाल किया जाए जिसमें नगर निगम और पीएचई के कर्मचारी ही सीवर सफाई का काम देखते थे।
जब आरोप लगे तो महापौर ने दिखाई राह
विपक्ष के पार्षदों ने सत्तापक्ष पर जब आरोप लगाये कि 57 साल में पहली बार अंधेरे दीपावली मनी है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। इस पर पहले तो पार्षद अवधेश कौरव ने कहा कि 57 साल से तो नगर निगम में आपकी ही सरकार थी। हमें तो तीन माह ही हुए हैं। सारे ठेके और अधिकारी तो पहले के ही हैं। इसलिए विकास की बात करें, आरोप-प्रत्यारोप न करें। बाद में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने मजे हुए शब्दों में कहा कि वे सभी 66 पार्षदों की महापौर हैं, केवल कांग्रेस की नहीं। यदि हम एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहेंगे तो कुछ नहीं होगा। हमें विकास के लिए मिलजुलकर काम करना है। आप अच्छी तरह जानते हैं कि कौन सत्ता में हैं कौन विपक्ष में।
इस पर हरी पाल ने हाथ जोड़कर विपक्षी पार्षदों की ओर से महापौर से माफी मांगते हुए कहा कि पार्षदों के काम नहीं हो रहे, इससे जनता परेशान है। इस कारण उनका गुस्सा फूट पड़ा है, आप महापौर हैं, परिषद में हम सबकी नेता हैं। विकास के मुद्दे पर हम सब साथ हैं। पार्षदों ने गुस्से में कुछ कह दिया, उसके लिए माफी मांगता हूं। महापौर ने कहा कि माफी न मांगें, हम सब एक हैं। निगमायुक्त किशोर कान्याल ने इस मुद्दे पर कहा कि परिषद यदि ठेका प्रथा समाप्त करना चाहती है तो कर सकती है। वैसे हमने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी दे दी है कि सीवर संधारण का काम ठीक से किया जाए। बैठक में केवल सीवर और स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर ही चर्चा हो सकी। एजेण्डे के अन्य बिन्दुओं पर चर्चा के लिए बैठक 3 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
अंधेरे में मनी दीपावली
पार्षदों ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि जनता को अंधेरे में दीपावली मनाना पड़ी। लगभग हर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की एलईडी बंद पड़ी रहीं। जनता ने हमें खूब कोसा। हम मुंह छिपाकर घर बैठे रहे। मामला उस समय विचित्र हो गया जब व्यंग के बीच निगमायुक्त किशोर कान्याल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आप लोग हमारे अधिकारियों को न कोसें, हम व्यवस्था ठीक करने में मुस्तैदी से जुटे हैं। रहा सवाल अंधेरे में दीपावली मनाने का तो यह गलत हैं, यह पर्व दीपों का पर्व हैं और पूरे शहर में दीपों की रोशनी में दीपावली मनी हैं। निगमायुक्त ने परिषद को बताया कि एलईडी लाइट स्मार्ट सिटी से लगाई हैं। टेंडर बनाने में गलती हुई है। संबंधित फर्म ने भी काफी गड़बड़ की है। इसलिए हमने कंपनी पर 99 लाख का जुर्माना किया है। अभी और सख्ती बरत रहे हैं। जल्द शहर को रोशनी से जगमग कर देंगे।
विधायक प्रतिनिधियों का सम्मान

परिषद के लिये विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित कल्लू तथा विधायक प्रवीण पाठक ने मुन्नेश जादौन को अपना प्रतिनिधि बना दिया है। दोनों प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे। परिषद ने उनका स्वागत किया।
माइक को लेकर हंगामा
नई परिषद की यह तीसरी बैठक थी। इसमें भी माइक व्यवस्था लड़खड़ा गई तो पार्षदों ने आक्रोश जताया। ग्रामीण क्षेत्र के पार्षदों ने विद्युत विभाग की इंजीनियर अभिलाषा की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए तो निगमायुक्त ने अभिलाषा को वहां से हटाने का आश्वासन दिया।












