सांसद शेजवलकर ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्ध होन पर की टिप्पणी
ग्वालियर।
सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्ध होने पर कहा है कि सत्य व अहिंसा की दुहाई देकर लगातार झूठ बोलते हुये पिछडा वर्ग समाज के विरूद्ध की गई गाली गलोंच राहुल जी को ले डूबी है। चारा घाटाले में लालू प्रसाद यादव को न्यायालय द्वारा दोषी करार दिये जाने के कुछ ही दिन पूर्व यू.पी.ए. के कार्यकाल में 28 सितंबर 2013 को राहुल गांधी जी ने ही मनमोहन सिंह की केबिनेट द्वारा लाये जाने वाले अध्यादेश को फाडकर फेंक दिया था।

सांसद शेजवलकर ने कहा कि यदि आज वह अध्यादेश कानून बन गया होता तो राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता यकायक समाप्त नहीं होती। जो दूसरे के लिये गड्डा खोदता है वह स्वयं उसमें गिर जाता है यह कहावत राहुल ने चरितार्थ की है। यदि वह अध्यादेश कानून बन जाता तो चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू की संसद की सदस्यता समाप्त नहीं होती और वह बच जाते। लालू जी की सदस्यता समाप्त करने के लिये वह अध्यादेश राहुल ने फाडकर फेंक दिया। लालू यादव जी के लिये खोदे गये गड्डे में वह स्वयं गिर गये है और संसद की सदस्यता गवां बैठे है।
न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को गंभीरता से लेकर विधिक उपाय करने के बजाय विपक्ष द्वारा सरकार व मोदी जी को लगातार कोसना व लोकतंत्र को खतरे में बताना इस बात का सबूत है कि वे जानते है कि वे न्यायालय के सामने नहीं टिक सकेंगे। स्वयं को और अपने परिवार को देश के संविधान और कानून से उपर समझने वाले एक अहंकारी नेता अपनी ही सरकार व अपने दल के ही प्रधानमंत्री की केबिनेट द्वारा लाये जाने वाले अध्यादेश को फाडकर फेंक दे इससे बडा लोकतंत्र का अपमान नहीं हो सकता। पिछडे वर्ग के एक समाज को चोर बताकर उस समाज का घोर अपमान व लोकतंत्र का मखौल उडाने की सजा राहुल गांधी को मिली है।












