अपर आयुक्त ने कहा, फाइल जल गई, उपायुक्त बोले-खो गई फाइल

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ग्वालियर नगर निगम में रसूख की पोस्टिंग, हाई कोर्ट में हो रहे खुलासे

@ हरीश चन्द्र, ग्वालियर।

सरकारी विभागों में रसूख का कैसा खेल होता है, ग्वालियर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 61 अधिकारियों, कर्मचारियों को लेकर हाई कोर्ट में विचाराधीन याचिका पर सुनवाई के दौरान कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जस्टिस जीएस आहलुवालिया की अदालत में रोज सुनवाई चल रही है, मंगलवार को भी ढाई घंटे सुनवाई हुई। सभी 61 के जबाव लिए हैं, उनकी मूल फाइलें भी शासन से तलब की हैं। नगर निगम में अपर आयुक्त के दो पद हैं लेकिन चार अधिकारी, चारों प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ है।

अदालत ने अपर आयुक्त विजय राज की नस्तावली तलब की तो वकील ने जबाव दिया कि बल्लभ भवन में आगजनी की घटना में फाइल जल गई है। उपायुक्त सुनील सिंह चौहान की जब नस्तावली देखी तो पता चला कि वे ग्रामीण विकास विभाग के हैं लेकिन प्रतिनियुक्ति की अनुशंसा तत्कालीन वाणिज्य मंत्री ने की थी। न्यायमूर्ति यह देख अचंभित रह गए। इसी तरह उपायुक्त अमर सत्य गुप्ता की नस्तावली की जानकारी ली तो बताया गया कि वह खो गई है। अपर आयुक्त अनिल दुबे को जानकारी छुपाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। अपर मुनीष सिंह सिकरवार की भी मामला उलझा निकला। न्यायमूर्ति ने कहा कि सरकार ने कई तथ्य छुपाए हैं।

बुधवार से अब कर्मचारियों की फाइलों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि अदालत ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। उल्लेखनीय है कि दो पशु चिकित्सक डॉ. अनुज शर्मा और दिनेश दीक्षित प्रतिनियुक्ति पर नगर निगम में आए। उन्हें कई महत्वपूर्ण काम सौंप दिये। डॉ. अनुज शर्मा की प्रतिनियुक्ति को लेकर याचिका दायर हुई जिस पर रोज सुनवाई हो रही है। हालांकि दोनों पशु चिकित्सकों को शासन ने उनके मूल विभाग में वापस कर दिया है लेकिन सरकार के जबाव से न्यायालय भी अचंभित है। इसलिए सभी 61 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की फाइलें तलब की है। प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी को अपने-अपने वकील करना पड़े हैं।

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