अवैध उत्खननः दो करोड़ की मिट्टी-मुरम भरकर नष्ट कर दिया “हनुमान बांध”

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हरीश चन्द्र, ग्वालियर

एक ओर तो सरकार प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही तो दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से ऐसे प्राकृतिक जलस्रोत खत्म किये जा रहे हैं। स्वर्ण रेखा में पानी पहुंचने के प्राकृतिक बांधों की श्रृंखला के हनुमान बांध को आखिर नष्ट कर दिया गया है। यह दुस्साहस किया है रानी लक्ष्मीबाई से गिरवाई नाका तक एलिवेटेड रोड का काम कर रही पीएनसी इंफ्रा नामक कंपनी ने। इस कंपनी ने बगैर अनुमति और रॉयल्टी चुकाए, वीरपुर बांध और रायपुर से मिट्टी और मुरम खोदकर हनुमान बांध में भर दी। जानकारों के अनुसार यदि सही गणना की गई तो करीब 2 करोड़ रुपए रॉयल्टी के रूप में सरकार को मिल सकते हैं। लेकिन जल संसाधन विभाग और वन विभाग के जिम्मेदार अफसर सब कुछ उजागर होने के बाद भी मौन साधे बैठे हैं।

एक साल पहले उजागर हुआ था मामला

हनुमान बांध में पीएनसी इंफ्रा नामक कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने मिट्टी व मुरम भर दी। यह मिट्टी-मुरम चोरी छिपे रात के अंधेरे में वीरपुर बांध से खोदी गई थी। जल संसाधन विभाग के अफसरों के संज्ञान में मामला आया तो कंपनी को 30 लाख रुपए रॉयल्टी जमा करना का नोटिस थमाया गया। यह मामला पिछले साल अप्रैल से अब तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसी बीच कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने रायपुर बांध के पास से वन विभाग के पहाड़ काटकर मुरम खोदी और उसे हनुमान बांध में भर दिया। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसके पुख्ता सबूत मिले लेकिन वे मौन साध गये।

इसलिए भर रहे बांध

हनुमान बांध में मिट्टी-मुरम इसलिए भरी जा रही है क्योंकि वहां एलिवेटेड रोड के पिलर खड़े होना है। लेकिन आश्चर्य यह है कि विकास के नाम पर हरे भरे पेड़ों की बली और प्राकृतिक जलस्रोत नष्ट नहीं किये जा सकते, किंत ऐसा धड़ल्ले से हो रहा है और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का बे-खौफ माखौल उड़ाया जा रहा है।

इनका कहना है

एलिवेटेड रोड का काम कर रही कंपनी को 30 लाख रुपए रॉयल्टी जमा करना का नोटिस दिया है। राशि जमा नहीं हुई है। अवैध खनन करने वालों पर एफआईआर के लिए पुलिस को भी पत्र भेजा है।

राजेश श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री जल संसाधन विभाग

-रायपुर बांध के पास से वन विभाग के पहाड़ काटकर मुरम ली गई है। मामला जांच में है। जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

अंकित पांडे, डीएफओ

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