छिंदवाड़ा– मध्यप्रदेश का वो आदिवासी इलाका है जो कभी देश का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता था, लेकिन आज छिंदवाड़ा के पास विकास का अपना एक मुकम्मल मॉडल है। छिन्दवाड़ा विकास मॉडल का पूरा श्रेय कमलनाथ को दिया जाता है। इस शहर में कमलनाथ ने ना केवल उच्च गुणवत्ता की सड़कों का जाल बिछाया बल्कि छिन्दवाड़ा जिले को शिक्षा का केंद्र, उद्योगों का केन्द्र, उत्पादन का केन्द्र और नई-नई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं के केन्द्र के तौर पर भी विकसित किया है।![]()
कहा जाता है कि कमलनाथ ने जिस भी मंत्रालय को संभाला उस मंत्रालय से छिंदवाड़ा मे सौग़ातें की बरसात कराई है। आज छिंदवाड़ा से कई राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। छिन्दवाड़ा से दिल्ली समेत देश के कई बड़े-बड़े शहरों के लिए सीधी रेल सेवा भी उपलब्ध है। छिन्दवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज के अलावा फुटवेयर डिजाइन सेंटर, नॉलेज सिटी, 6 केंद्रीय विद्यालय, एक नवोदय स्कूल समेत एटीडीसी, सीआईआई और एनआईआईटी जैसे बड़े-बड़े स्किल सेंटर्स मौजूद हैं।
रोज़गार की बात करें तो छिन्दवाड़ा अपने जिले के लोगों को रोज़गार देने के साथ-साथ देश का ऐसा इकलौता शहर बन गया है जहां बड़े-बड़े महानगरों से आकर लोग रोजगार पा रहे हैं। कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा का नाम पूरी दुनिया में एक विकसित शहर के रूप में प्रतिस्थापित किया है। कमलनाथ के प्रयासों से जगमग छिन्दवाड़ा में यदि उद्योगों की बात करें तो हिंदुस्तान यूनी लीवर, ब्रिटानिया, रेमंड, भंसाली समेत कई निजी कंपनियों ने उद्योग लगाए हैं।
यस बैंक, स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक जैसे राष्ट्रीकृत बैंक छिंदवाडा जैसे आदिवासी जिले में मौजूद हैं। कमलनाथ सच्चे हनुमान भक्त भी कहे जाते हैं। यही वजह है कि उन्होंने छिंदवाड़ा में 101 फीट की हनुमान मूर्ति की प्रतिमा छिन्दवाड़ा के सिमरिया में स्थापित कराई है। आज यह स्थल एक मशहूर धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी अद्भुत पहचान बना चुका है।
कमलनाथ की सबसे ख़ास बात यह भी है कि उनका कार्यालय और घर 24 घंटे अपने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और ख़ासतौर पर छिन्दवाड़ा से आने वाले आगंतुकों के लिए हमेशा खुला रहता है। कमलनाथ जब मुख्यमंत्री थे तब भी छिन्दवाड़ा के लोगों से मिलने के लिये उन्होंने विशेष व्यवस्था बनाई थी, और आज भी छिन्दवाड़ा के लोग उनसे आधी रात को भी मिल सकते हैं, बात कर सकते हैं। कमलनाथ कहते हैं कि पूरी छिन्दवाड़ा जिला मेरा घर है, छिन्दवाड़ा का एक-एक नागरिक मेरा परिवार है और छिन्दवाड़ा की हर ज़रूरत पूरी करना मेरा परम कर्तव्य है।











