नई दिल्ली – बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम- 2009 या आरटीई अधिनियम सभी विधि कालेजों में एलएलबी पाठ्यक्रम में एक अनिवार्य विषय बनाने की मांग के मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) को विचार करने को कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की मांग सही है और इस पर बीसीआई को निर्णय लेना चाहिए।

हालांकि बीसीआई को दिए गए प्रतिवेदन पर जवाब का इंतजार करने का पर्याप्त समय दिए बिना याचिका दायर पर कोर्ट ने सवाल उठाया। कोर्ट ने इसके साथ याचिका का निस्तारण कर दिया। गैर सरकारी संगठन सोशल जूरिस्ट ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल का माध्यम से याचिका दायर कर कहा कि भले ही कानून बहुत पहले लागू किया गया था लेकिन कानून के छात्रों वकीलों और न्यायाधीशों में से शायद ही किसी को इसके बारे में पता हो।











