
नई दिल्ली – केंद्रीय प्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड अब असंगठित क्षेत्र पर निगरानी बढ़ाने जा रहा है। चेयरमैन विवेक जौहरी जीएसटी की आय को बढ़ाने के लिए असंगठित क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 2017 में जब जीएसटी लागू हुई थी। उस समय जीएसटी में टैक्स देने वालों की संख्या लगभग 50 लाख थी। जो वर्तमान में बढ़कर 1.4 करोड़ हो गई है। जीएसटी का कलेक्शन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अभी जीएसटी कलेक्शन में असंगठित क्षेत्र को जोड़कर जीएसटी से टैक्स की आय बढ़ाने की गुंजाइश सरकार देख रही है।
जोहरी का कहना था, कि जीएसटी की आय को बढ़ाने के लिए असंगठित क्षेत्र को सामने लाने के लिए, प्रॉपर्टी टैक्स और बिजली के बिल को आधार बनाकर जीएसटी का दायरा बढ़ाया जाएगा। गैर संगठित क्षेत्र के रहवासी, व्यवसायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों को टैक्स दायरे में लाने के लिए उन पर विशेष नजर रखी जाएगी। उनकी आय का जरिया और व्यवसाय की जानकारी प्राप्त की जाएगी। सभी चीजों को जीएसटी के दायरे में लाया जा चुका है।
अतः किराए से लेकर खर्च के जो भी आइटम है। उन को आधार बनाकर जीएसटी के नए खातेदारों को खोजने का काम बड़ी तेजी के साथ, इस साल मुहिम चलाकर किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसा व्यवसाय,नौकरी कोई भी धंधा या रोजगार करने वाले लोग, जो लाखों रुपए रोज का कारोबार कर रहे हैं। लेकिन वह जीएसटी में पंजीकृत नहीं है। सारा कारोबार नगद में कर रहे हैं। इन्हीं सब लोगों को जीएसटी के दायरे में लाने की मुहिम शुरू की जा रही है।











